Skip to main content

Kashmir mein aatanki hamle ke baad tourism par asar


Kashmir mein aatanki hamle ke baad tourism par asar

जब कश्मीर में आतंकी हमला होता है, तो पर्यटन क्षेत्र पर तुरंत और गहरा प्रभाव पड़ता है। सुरक्षा को लेकर डर के चलते लोग अपनी यात्राएं रद्द कर देते हैं, जिससे भविष्य की बुकिंग्स में भी भारी गिरावट देखने को मिलती है। 

इसके बाद कई देश कश्मीर की यात्रा को लेकर चेतावनी जारी कर देते हैं, जिससे आने वाले पर्यटकों की संख्या और घट जाती है। कश्मीर की अर्थव्यवस्था में पर्यटन का बड़ा योगदान है, इसलिए इस गिरावट से होटलों, हाउसबोट्स, टैक्सी सेवाओं, मार्गदर्शकों और हस्तशिल्प कारोबारियों को बड़ा आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है।

पर्यटन में आई इस सुस्ती के कारण कश्मीर के कई लोगों की नौकरियां भी प्रभावित होती हैं, क्योंकि वहां की बड़ी आबादी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से इस क्षेत्र पर निर्भर करती है। इससे बेरोजगारी और आर्थिक तनाव तेजी से बढ़ने लगता है।

सुरक्षा उपायों को और कड़ा कर दिया जाता है, जगह-जगह चेकपोस्ट लगाए जाते हैं, कर्फ्यू और पाबंदियां लगाई जाती हैं, जिससे यात्रा करना और भी मुश्किल हो जाता है। 

स्थिति सामान्य होने के बाद भी कश्मीर की छवि को पुनः संवारने में लंबा समय लगता है। मीडिया में कश्मीर को अस्थिर क्षेत्र के रूप में दिखाया जाता है, जिससे पर्यटकों का विश्वास लौटने में काफी देरी होती है और पर्यटन में सुधार धीमा पड़ जाता है।

- article by Mahim Social Worker Irfan Machiwala 

#KashmirTourism #TerrorAttackImpact #EconomicLoss #JobLossInKashmir #TravelAdvisory #TourismDecline
#कश्मीरपर्यटन #आतंकवादीहमला #आर्थिकनुकसान #कश्मीरमेंबेरोजगारी #यात्राचेतावनी #पर्यटनमेंगिरावट #khabarface2face

Populars Posts

Mumbai: Four Members of a Family Die Mysteriously in Pydhonie After Consuming Watermelon, Probe Underway

Mumbai: Four Members of a Family Die Mysteriously in Pydhonie After Consuming Watermelon, Probe Underway मुंबई के पायधोनी इलाके से एक बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां एक ही परिवार के चार सदस्यों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतकों की पहचान  अब्दुल्ला दोकाडिया (40),  उनकी पत्नी नसरिन दोकाडिया (35) और  उनकी दो बेटियां आयशा (16) व ज़ैनब (13)  के रूप में हुई है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, 25 अप्रैल की रात परिवार ने रिश्तेदारों के साथ खाना खाया था, जिसके बाद देर रात करीब 1 से 1:30 बजे के बीच चारों ने तरबूज खाया। कुछ ही घंटों में उनकी तबीयत बिगड़ने लगी और सुबह तक उल्टी-दस्त जैसे गंभीर लक्षण सामने आए। परिजनों ने पहले उन्हें स्थानीय डॉक्टर के पास ले जाया, लेकिन हालत बिगड़ने पर उन्हें जेजे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान सभी की मौत हो गई। सबसे छोटी बेटी की सुबह मौत हुई, जबकि परिवार के मुखिया ने रात में दम तोड़ा। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और पुलिस को सूचना दी गई। Watch Dcp Pravin Mundhe Video फिलहाल शवों का पोस्टमार्टम ...