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Mahim Social Worker Irfan Machiwala Urges PM Modi to Consider Dates in School Meals Across India


Mahim Social Worker Irfan Machiwala Urges PM Modi to Consider Dates in School Meals Across India

मुंबई, 7 सितंबर 2026: माहिम के सामाजिक कार्यकर्ता इरफान मचिवाला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील की है कि देशभर के स्कूलों में बच्चों को दिए जाने वाले भोजन में खजूर (Dates) को शामिल करने की संभावना पर विचार किया जाए। उनका कहना है कि खजूर पोषक तत्वों से भरपूर फल है और इसे स्कूल मील कार्यक्रम में शामिल करने से बच्चों के पोषण और स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है।

इरफान मचिवाला के अनुसार, खजूर में प्राकृतिक ऊर्जा, डाइटरी फाइबर, पोटैशियम, मैग्नीशियम तथा कई विटामिन और खनिज पाए जाते हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि स्कूलों में बच्चों को सीमित मात्रा में खजूर उपलब्ध कराने की योजना को विशेषज्ञों की सलाह के साथ तलाशा जा सकता है।

उन्होंने कहा कि बच्चों के शारीरिक विकास, एकाग्रता और समग्र विकास के लिए पौष्टिक भोजन बेहद जरूरी है। खजूर प्राकृतिक रूप से उपलब्ध ऐसा खाद्य पदार्थ है, जो ऊर्जा के साथ-साथ कई महत्वपूर्ण पोषक तत्व प्रदान कर सकता है।

खजूर के संभावित पोषण लाभ

  • प्राकृतिक ऊर्जा: खजूर में मौजूद प्राकृतिक कार्बोहाइड्रेट शरीर को ऊर्जा प्रदान कर सकते हैं।
  • डाइटरी फाइबर: फाइबर पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने में मदद करता है।
  • खनिज तत्व: खजूर में पोटैशियम और मैग्नीशियम जैसे महत्वपूर्ण खनिज पाए जाते हैं।
  • एंटीऑक्सीडेंट: खजूर में प्राकृतिक एंटीऑक्सीडेंट यौगिक भी मौजूद होते हैं।
  • पोषक तत्वों का स्रोत: कम मात्रा में भी खजूर कई पोषक तत्व उपलब्ध करा सकता है।
  • आसानी से वितरण: कुछ ताजे खाद्य पदार्थों की तुलना में खजूर को स्टोर और वितरित करना अपेक्षाकृत आसान हो सकता है।

मचिवाला ने कहा कि यदि इस तरह की पहल पर विचार किया जाता है, तो इसे पोषण संबंधी दिशानिर्देशों, बच्चों की उम्र के अनुसार उचित मात्रा, खाद्य सुरक्षा मानकों और पोषण विशेषज्ञों तथा सार्वजनिक स्वास्थ्य अधिकारियों की सलाह के आधार पर लागू किया जाना चाहिए।

उन्होंने केंद्र सरकार से अपील की कि मौजूदा स्कूल पोषण कार्यक्रमों में खजूर को शामिल करने की व्यवहार्यता का अध्ययन किया जाए, खासकर उन क्षेत्रों में जहां बच्चों को अतिरिक्त पौष्टिक खाद्य विकल्पों की आवश्यकता हो सकती है।

इरफान मचिवाला ने कहा कि इसका मुख्य उद्देश्य यह होना चाहिए कि देश के हर बच्चे को स्कूल में सुरक्षित, पौष्टिक और संतुलित भोजन मिल सके।

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