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Bandra Social Worker Pinky Punjabi Urges Stronger Coastal Disaster Preparedness in Maharashtra


Bandra Social Worker Pinky Punjabi Urges Stronger Coastal Disaster Preparedness in Maharashtra

मुंबई, 4 सितंबर 2026: बांद्रा की समाजसेविका पिंकी पंजाबी ने महाराष्ट्र सरकार, महाराष्ट्र मैरीटाइम बोर्ड, निर्वाचित जनप्रतिनिधियों, नगर निगम और जिला प्रशासन से तटीय इलाकों में आपदा प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की अपील की है।

पिंकी पंजाबी ने कहा कि अरब सागर के किनारे रहने वाले लोगों को भारी बारिश, बाढ़, चक्रवात, समुद्री तूफान, हाई टाइड और अन्य प्राकृतिक आपदाओं का खतरा बना रहता है। उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन केवल आपदा के बाद राहत और बचाव तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि रोकथाम, पहले से तैयारी और समय पर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए।

उन्होंने तटीय और संवेदनशील इलाकों में क्षेत्र के अनुसार भरोसेमंद Early Warning System लगाने की मांग की। भारी बारिश, बाढ़, चक्रवात, हाई टाइड और Storm Surge की जानकारी लोगों तक SMS, सायरन, Public Announcement और अन्य स्थानीय माध्यमों से तुरंत पहुंचाई जानी चाहिए।

पिंकी पंजाबी ने स्थानीय नागरिकों, हाउसिंग सोसायटियों, स्कूलों, मछुआरों और अन्य समुदायों के लिए नियमित Disaster Preparedness Training और Mock Drills आयोजित करने की भी मांग की। इन ट्रेनिंग में Evacuation Procedure, First Aid, Emergency Communication, Rescue Procedure तथा बाढ़ या चक्रवात के दौरान किए जाने वाले जरूरी उपायों की जानकारी दी जानी चाहिए।

उन्होंने संवेदनशील तटीय इलाकों में Community Emergency Response Teams बनाने का सुझाव दिया। इन टीमों में प्रशिक्षित स्थानीय स्वयंसेवक शामिल हों, जो जरूरत पड़ने पर प्राथमिक उपचार, लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने और Emergency Communication में मदद कर सकें।

उन्होंने अधिकारियों से Evacuation Routes और Temporary Emergency Shelters की पहचान कर उन्हें स्पष्ट रूप से चिन्हित करने की अपील की, ताकि आपदा के समय लोगों को पहले से पता हो कि उन्हें कहां जाना है और किससे संपर्क करना है।

बाढ़ की समस्या को लेकर उन्होंने Storm-Water Drains, Culverts और Low-Lying Areas की नियमित जांच और सफाई की मांग की। उन्होंने कहा कि जिन इलाकों में बार-बार पानी भरता है, वहां केवल अस्थायी उपाय करने के बजाय Permanent Corrective Measures किए जाने चाहिए।

पिंकी पंजाबी ने Coastal Protection Structures, Sea Walls, Embankments और अन्य संवेदनशील Infrastructure की नियमित Professional Inspection कराने तथा जहां जरूरत हो वहां मजबूती का काम कराने पर भी जोर दिया।

उन्होंने संवेदनशील इलाकों में पर्याप्त Emergency Resources उपलब्ध कराने की मांग की, जिसमें Rescue Boats, Life Jackets, Ropes, First-Aid Equipment, Emergency Lighting और Communication Equipment शामिल हैं।

उन्होंने कहा कि आपदा या Evacuation के दौरान Senior Citizens, बच्चों, दिव्यांगों और अकेले रहने वाले लोगों के लिए विशेष व्यवस्था की जानी चाहिए।

पिंकी पंजाबी ने Pre-Monsoon Public Awareness Campaign चलाने की भी अपील की, ताकि लोगों को Emergency Kit तैयार रखने, जरूरी Documents सुरक्षित रखने, पीने का पानी और भोजन स्टोर करने, जरूरत पड़ने पर बिजली सुरक्षित तरीके से बंद करने और सरकारी Evacuation Warnings का पालन करने के बारे में जानकारी दी जा सके।

उन्होंने अधिकारियों से हर मानसून से पहले Safety Inspection कराने और संवेदनशील तटीय इलाकों में सामने आने वाले प्रमुख जोखिमों तथा उनके लिए किए जा रहे Preventive Measures की जानकारी जनता के साथ साझा करने की भी मांग की।

पिंकी पंजाबी ने अपनी अपील में कहा, “हमारा समुद्री तट हमारा घर है। हमारे परिवार और समुदाय एक मजबूत Disaster Preparedness System, नियमित Training और भरोसेमंद Early Warning के हकदार हैं।”

उन्होंने मुख्यमंत्री, महाराष्ट्र मैरीटाइम बोर्ड, सांसदों, विधायकों और स्थानीय प्रशासन से तटीय समुदायों के साथ मिलकर काम करने की अपील की, ताकि अगली किसी भी बड़ी आपदा से पहले संवेदनशील इलाकों को Disaster-Ready बनाया जा सके।

उन्होंने कहा, “Prevention, Preparedness और Timely Evacuation से जानें बचाई जा सकती हैं। आइए आज तैयारी करें, ताकि कल पछताना न पड़े।”

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