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“School Theek Karke Hi Rahenge”: Abhijeet Dipke Hails Suspension of Hingoli Government School Principal After Villagers’ Complaint

“School Theek Karke Hi Rahenge”: Abhijeet Dipke Hails Suspension of Hingoli Government School Principal After Villagers’ Complaint

महाराष्ट्र के हिंगोली जिले के लिम्बाला मकता गांव स्थित सरकारी स्कूल में कथित अनियमितताओं और स्कूल परिसर में शराब का सेवन करने की शिकायत के बाद प्रधानाचार्य को निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई कॉकroach जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके की स्कूल निरीक्षण यात्रा के बाद हुई।

अभिजीत दिपके मंगलवार को CJP के ‘Improve Schools Campaign’ के तहत लिम्बाला मकता स्थित सरकारी स्कूल पहुंचे थे। इस दौरान गांव के कई लोगों ने कथित तौर पर शिकायत की कि स्कूल के प्रधानाचार्य परिसर में शराब का सेवन करते थे। शिकायत की जानकारी मिलने के बाद दिपके ने संबंधित ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर (BDO) से संपर्क किया, जिसके बाद औपचारिक शिकायत दर्ज की गई और प्रधानाचार्य को निलंबित कर दिया गया।

दिपके ने पहली जीत अब्दुल और उसके पिता को समर्पित की

प्रधानाचार्य के खिलाफ हुई कार्रवाई के बाद अभिजीत दिपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी खुशी जाहिर की। उन्होंने अपनी इस पहली सफलता को अब्दुल और उसके पिता को समर्पित करते हुए लिखा कि, “अब रुकना नहीं है, स्कूल ठीक करके ही रहेंगे।”

दिपके ने स्कूल के शिक्षकों और कर्मचारियों के साथ गांव के लोगों का भी आभार व्यक्त किया, जिन्होंने स्कूल के बच्चों के लिए बेंच उपलब्ध कराने में सहयोग किया। उन्होंने इसे अपनी जिंदगी के सबसे खुशी और महत्वपूर्ण पलों में से एक बताया।

ग्रामीण स्कूलों की स्थिति सुधारने पर अभियान का जोर

CJP की ओर से शुरू किया गया ‘Improve Schools Campaign’ ग्रामीण इलाकों के सरकारी स्कूलों की स्थिति का जायजा लेने और वहां मौजूद समस्याओं को सामने लाने पर केंद्रित है। यह अभियान 15 अगस्त को देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर शुरू किया गया था।

अभियान के तहत अभिजीत दिपके विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों का दौरा कर वहां की बुनियादी सुविधाओं और शिक्षा व्यवस्था का निरीक्षण कर रहे हैं।

अपने अभियान की शुरुआत के बाद दिपके ने शनिवार को अपने गृह जिले हिंगोली का दौरा किया था। वहां उन्होंने कुछ सरकारी स्कूलों की खराब स्थिति का मुद्दा उठाया। निरीक्षण के दौरान टूटे हुए स्कूल की खिड़कियों को बैनरों से ढके जाने और पर्याप्त शौचालय सुविधाएं नहीं होने जैसी समस्याएं सामने आने का दावा किया गया।

अभिजीत दिपके का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों में मौजूद समस्याओं को सामने लाकर उनके समाधान के लिए लगातार प्रयास किया जाएगा।

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