Malad: BJP Worker Sachin Pathak Alleges Repeated BMC Action on His 40-Year-Old Home
जनकल्याण नगर, मलाड में 40 साल पुराने मकान को लेकर विवाद, BJP कार्यकर्ता सचिन पाठक ने लगाए गंभीर आरोप
मुंबई: मलाड पश्चिम के जनकल्याण नगर इलाके में करीब 40 वर्षों से रह रहे भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता सचिन माधव पाठक ने अपने मकान और जमीन को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। कहर न्यूज़ हिंदी के संपादक अष्टानंद पांडे की ग्राउंड रिपोर्ट के दौरान सचिन पाठक ने अपनी समस्या और अब तक की कानूनी लड़ाई के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
सचिन पाठक ने बताया कि वह भाजपा के उत्तर भारतीय मोर्चा के पूर्व उपाध्यक्ष रहे हैं और लंबे समय से इसी स्थान पर अपने परिवार के साथ रह रहे हैं। उनका दावा है कि पिछले कई वर्षों में बीएमसी द्वारा उनके मकान पर कई बार कार्रवाई और तोड़फोड़ की गई, जबकि उनके अनुसार उनके पास पुराने दस्तावेज, राशन कार्ड, बिजली बिल, पानी के बिल और अन्य प्रमाण मौजूद हैं।
पाठक का आरोप है कि उनके मकान को वर्ष 2019, 2022 और 2024 में कार्रवाई का सामना करना पड़ा तथा 2024 में दो बार तोड़फोड़ की गई। उनका कहना है कि इस कार्रवाई के संबंध में उन्हें उचित नोटिस नहीं दिया गया और उन्हें बार-बार मकान खाली करने के लिए कहा जाता है।
सचिन पाठक ने भाजपा के पूर्व सांसद गोपाल शेट्टी का नाम लेते हुए आरोप लगाया कि उनके प्रभाव के कारण बीएमसी अधिकारी उनके खिलाफ कार्रवाई कर रहे हैं। पाठक के मुताबिक, बीएमसी अधिकारियों ने उनसे बातचीत के दौरान गोपाल शेट्टी के दबाव की बात कही थी। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
पाठक ने यह भी सवाल उठाया कि जिस जमीन पर वह दशकों से रह रहे हैं, उस पर गोपाल शेट्टी का क्या अधिकार या हित है। उन्होंने दावा किया कि जमीन के वास्तविक स्वामित्व को लेकर उन्होंने पुराने दस्तावेज और कोर्ट से संबंधित कागजात जुटाए हैं और इस मामले में न्याय के लिए अदालत का दरवाजा भी खटखटाया है।
सचिन पाठक के अनुसार, उनके परिवार ने पिछले कुछ वर्षों में कई दुखद घटनाओं का सामना किया है। उन्होंने बताया कि उनके भाई और मां की मृत्यु हो चुकी है और परिवार में कमाने वाले व्यक्ति के रूप में वह स्वयं जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। उन्होंने मानसिक दबाव और लगातार मकान टूटने के खतरे को लेकर भी चिंता जताई।
इंटरव्यू के दौरान पाठक ने महाराष्ट्र सरकार, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मामले की निष्पक्ष जांच कराने की अपील की। उन्होंने मांग की कि बीएमसी की कार्रवाई, जमीन के दस्तावेज और संबंधित लोगों की भूमिका की जांच की जाए तथा उन्हें उचित न्याय और सुरक्षा प्रदान की जाए।
रिपोर्ट के दौरान अष्टानंद पांडे ने भी सवाल उठाया कि यदि कोई परिवार चार दशकों से किसी मकान में रह रहा है और उसके पास पुराने दस्तावेज तथा विभिन्न सरकारी सेवाओं के कनेक्शन मौजूद हैं, तो ऐसे मामले में कार्रवाई से पहले पूरे दस्तावेज और कानूनी स्थिति की निष्पक्ष जांच होना जरूरी है।
सचिन पाठक ने यह भी कहा कि यदि उनका मकान हटाया जाता है तो उनके परिवार के सामने रहने का गंभीर संकट पैदा हो जाएगा। उन्होंने प्रशासन से अपील की कि किसी भी कार्रवाई से पहले उनके दस्तावेजों और अदालत से संबंधित मामलों की जांच की जाए।
यह पूरा मामला जमीन के स्वामित्व, पुराने मकान, बीएमसी की कार्रवाई और कथित दबाव से जुड़े आरोपों के इर्द-गिर्द है। सचिन पाठक द्वारा लगाए गए आरोपों पर संबंधित पक्षों और बीएमसी का आधिकारिक पक्ष सामने आना अभी बाकी है। मामले की वास्तविक स्थिति दस्तावेजों और संबंधित सरकारी व न्यायिक रिकॉर्ड की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
रिपोर्ट: अष्टानंद पांडे
कहर न्यूज़ हिंदी
स्थान: जनकल्याण नगर, मलाड पश्चिम, मुंबई
YouTube link https://youtu.be/vcge0Dg9PrU
9th August 2026
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