Skip to main content

Mumbai Auto-Taxi Drivers Oppose Marathi Language Mandate, Seek More Time to Learn


Mumbai Auto-Taxi Drivers Oppose Marathi Language Mandate, Seek More Time to Learn

मालवणी, मालाड: मुंबई में ऑटो-रिक्शा और टैक्सी चालकों के लिए मराठी भाषा की अनिवार्यता को लेकर उत्तर मुंबई के मालवणी इलाके में चालकों के बीच चिंता सामने आई है। मालवणी, मालाड के ऑटो-रिक्शा चालक रहमत हुसैन जमालुद्दीन अंसारी और टैक्सी चालक मसीउद्दीन मोइनुद्दीन मलिक ने इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए सरकार से मराठी सीखने के लिए पर्याप्त समय और उचित प्रशिक्षण व्यवस्था उपलब्ध कराने की मांग की है।

Watch Video https://youtu.be/HWt0CtTD_gg

इंटरव्यू के दौरान उत्तर प्रदेश के रहने वाले टैक्सी चालक मसीउद्दीन मोइनुद्दीन मलिक ने कहा कि किसी भी नई भाषा को सीखने के लिए पर्याप्त समय की आवश्यकता होती है। उन्होंने सरकार से अपील की कि मराठी सीखने और प्रमाणपत्र प्राप्त करने के लिए व्यावहारिक समय-सीमा तय की जाए तथा चालकों के लिए उचित प्रशिक्षण की व्यवस्था की जाए।

मलिक का कहना है कि देश के अलग-अलग राज्यों से लोग रोजगार की तलाश में मुंबई आते हैं। ऐसे में भाषा संबंधी नियमों को सख्ती से लागू करने से उन कामगारों की रोजी-रोटी प्रभावित हो सकती है, जो अपने परिवार का खर्च चलाने और बच्चों की पढ़ाई के लिए मुंबई में मेहनत कर रहे हैं।

मलिक ने दावा किया कि मराठी प्रमाणपत्र नहीं होने को लेकर परिवहन क्षेत्र के कुछ कामगारों पर फ्लाइंग स्क्वॉड द्वारा कार्रवाई की जा रही है और नोटिस दिए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि वह मराठी में बातचीत कर सकते हैं, लेकिन सवाल उठाया कि जिन लोगों की शिक्षा सीमित है या जिन्हें अपनी भाषा लिखना-पढ़ना भी मुश्किल है, उनके लिए कम समय में किसी दूसरी भाषा को पढ़ना और लिखना सीखना कितना आसान होगा।

उन्होंने मुंबई की ट्रैफिक समस्या का भी मुद्दा उठाते हुए कहा कि प्रशासन को यातायात व्यवस्था सुधारने पर भी गंभीरता से ध्यान देना चाहिए, ताकि स्कूल जाने वाले बच्चों, कर्मचारियों और आम यात्रियों को समय पर अपने गंतव्य तक पहुंचने में परेशानी न हो।

वहीं, ऑटो-रिक्शा चालक रहमत हुसैन जमालुद्दीन अंसारी ने कहा कि चालकों को मराठी सीखने के लिए दिया जा रहा तीन महीने का समय बहुत कम है। उन्होंने दावा किया कि परिवहन चालकों के लिए मराठी सीखने की कक्षाएं शुरू की गई थीं, लेकिन बाद में वे बंद हो गईं। इसके बावजूद चालकों को मराठी प्रमाणपत्र हासिल करने के लिए नोटिस दिए जा रहे हैं।

अंसारी ने सरकार से अपील की कि मराठी सीखने की व्यवस्था और पर्याप्त समय उपलब्ध कराया जाए, ताकि चालकों की रोजी-रोटी, वाहन की ईएमआई और परिवार के खर्च पर इसका प्रतिकूल असर न पड़े।

दोनों चालकों ने स्पष्ट किया कि वे मराठी सीखने के विरोध में नहीं हैं और मराठी सीखने के लिए तैयार हैं। हालांकि, उनका कहना है कि इसके लिए व्यावहारिक समय-सीमा, आसानी से उपलब्ध प्रशिक्षण व्यवस्था और सीखने की अवधि के दौरान उनकी आजीविका की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए।

#Mumbai #Malad #Malvani #AutoRickshawDrivers #TaxiDriversProtest #MarathiLanguage #MarathiLanguageMandate #MumbaiTransport #RickshawDrivers #TaxiDrivers #KhabarFace2Face #MumbaiNews

Comments