Fake Call Centre Busted in Lonavala: 20 Arrested, 17 Linked to Malvani-Malad
लोनावला में फर्जी कॉल सेंटर का पर्दाफाश, 20 लोग गिरफ्तार; मालवणी-मालाड के 17 लोग शामिल
मुंबई के मालवणी-मालाड पश्चिम के 17 लोगों के नाम गिरफ्तार आरोपियों की सूची में शामिल हैं। विदेशी नागरिकों से करोड़ों रुपये की ठगी का शक, पुलिस ने 37.41 लाख रुपये का सामान जब्त किया।
मुंबई/पुणे: पुणे ग्रामीण पुलिस ने लोनावला के नांगर्गांव इलाके में चल रहे एक कथित फर्जी कॉल सेंटर का पर्दाफाश किया है। इस मामले में पुलिस ने 20 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, इस कॉल सेंटर के जरिए अमेरिका, कनाडा और दूसरे देशों के नागरिकों से साइबर ठगी की जा रही थी।
द इंडियन एक्सप्रेस की 16 अक्टूबर 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने गुरुवार को नांगर्गांव की ओमेगा सोसाइटी में स्थित देव विला बंगले पर छापा मारा। वहां कई लोग मोबाइल फोन और लैपटॉप के जरिए अंग्रेजी में बातचीत करते मिले।
पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बताया कि वहां कॉल सेंटर चलाया जा रहा था। लेकिन वे कॉल सेंटर चलाने की जरूरी अनुमति से जुड़े दस्तावेज पेश नहीं कर सके। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की।
अमेजन और गूगल के नाम पर ठगी का आरोप
पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया कि आरोपी अलग-अलग ऑनलाइन एप्लिकेशन के जरिए विदेशों में फोन करते थे। आरोप है कि कुछ लोग फर्जी पहचान पत्र और दस्तावेजों का इस्तेमाल कर खुद को अमेजन और गूगल जैसी कंपनियों का कर्मचारी बताते थे।
पुलिस के मुताबिक, विदेशी नागरिकों को अलग-अलग योजनाओं का लालच देकर उनके बैंक खातों की जानकारी हासिल करने की कोशिश की जाती थी। इसके अलावा, पार्सल में ड्रग्स मिलने का डर दिखाकर और डिजिटल अरेस्ट जैसी तरकीबों के जरिए लोगों से पैसे वसूलने का भी आरोप है।
पुलिस को शक है कि इस फर्जी कॉल सेंटर के जरिए कई विदेशी नागरिकों से करोड़ों रुपये की ठगी की गई है। हालांकि, ठगी की कुल रकम का पता लगाने के लिए जांच जारी है।
मालवणी-मालाड के 17 लोगों के नाम
रिपोर्ट के अनुसार, गिरफ्तार 20 आरोपियों में से 17 लोग मुंबई के मालवणी-मालाड पश्चिम इलाके के रहने वाले बताए गए हैं। इनके अलावा माटुंगा और बदलापुर के एक-एक व्यक्ति तथा मेघालय के शिलांग के एक व्यक्ति को भी गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस ने मामले में मोहम्मद फैज उर्फ नाजिश, इरफान अब्दुल गफूर खान और समीर इरफान खान को कथित तौर पर मुख्य आरोपी बताया है। पुलिस को शक है कि इनके संबंध देश के दूसरे हिस्सों और विदेशों में सक्रिय साइबर ठगी करने वाले लोगों से भी हो सकते हैं।
37.41 लाख रुपये का सामान जब्त
छापेमारी के दौरान पुलिस ने मोबाइल फोन, लैपटॉप, नकदी, एक चारपहिया वाहन और अन्य सामान जब्त किया है। जब्त किए गए सामान की कुल कीमत 37.41 लाख रुपये बताई गई है।
आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और इंडियन टेलीग्राफ अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस हिरासत में आरोपी
रिपोर्ट के मुताबिक, पुणे की एक अदालत ने गिरफ्तार आरोपियों को एक दिन की पुलिस हिरासत में भेजा था। पुलिस आगे की पूछताछ के लिए हिरासत बढ़ाने की मांग करने वाली थी।
फिलहाल पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि फर्जी कॉल सेंटर किसने शुरू किया, विदेशी नागरिकों के फोन नंबर कहां से हासिल किए गए और इस मामले में दूसरे लोग भी शामिल हैं या नहीं।
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