Irfan Machiwala Urges Eknath Shinde and BMC Commissioner Ashwini Bhide to Order Surprise Inspections of Civic Workers Across Mumbai
Irfan Machiwala Urges Eknath Shinde and BMC Commissioner Ashwini Bhide to Order Surprise Inspections of Civic Workers Across Mumbai
मुंबई में BMC कर्मचारियों की हाजिरी की अचानक जांच की मांग, इरफान मच्छीवाला ने एकनाथ शिंदे और आयुक्त अश्विनी भिड़े को लिखा
मुंबई: सामाजिक कार्यकर्ता इरफान मच्छीवाला ने महाराष्ट्र के शहरी विकास मंत्री एकनाथ शिंदे और मुंबई महानगरपालिका आयुक्त अश्विनी भिड़े से मांग की है कि मुंबई महानगरपालिका (BMC) के सभी 26 वार्डों में काम करने वाले कर्मचारियों की अचानक जांच कराई जाए। उन्होंने इस मामले में BMC के ऑडिट विभाग और विजिलेंस विभाग से जांच कराने की अपील की है।
इरफान मच्छीवाला के अनुसार, कोलाबा से दहिसर तक सभी 26 वार्डों में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट, ड्रेनेज और मेंटेनेंस विभागों में तैनात कर्मचारियों की वास्तविक संख्या और उनकी ड्यूटी की स्थिति की जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मंजूर पदों के मुकाबले कितने कर्मचारी वास्तव में काम कर रहे हैं, इसका भौतिक सत्यापन किया जाना जरूरी है।
उन्होंने आशंका जताई कि कुछ कर्मचारी सुबह हाजिरी दर्ज करने के बाद कथित तौर पर निजी कामों में लग जाते हैं, जबकि उन्हें BMC से वेतन मिलता रहता है। हालांकि, यह एक आरोप और आशंका है, जिसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकती है।
मच्छीवाला ने मांग की है कि BMC के ऑडिट और विजिलेंस विभाग की टीमें बिना पूर्व सूचना के वार्ड कार्यालयों, विभागीय कार्यस्थलों, सड़कों, नालों और उन सभी जगहों का निरीक्षण करें, जहां कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है।
उन्होंने हाजिरी रजिस्टर, मस्टर रोल, ड्यूटी रोस्टर और अन्य सरकारी रिकॉर्ड का मौके पर मौजूद कर्मचारियों से मिलान करने की भी मांग की है, ताकि दर्ज हाजिरी और वास्तविक उपस्थिति के बीच किसी भी तरह की गड़बड़ी का पता लगाया जा सके।
इरफान मच्छीवाला का कहना है कि सभी 26 वार्डों में पारदर्शी तरीके से जांच होने से मंजूर कर्मचारियों की संख्या, रिकॉर्ड में दर्ज हाजिरी और मौके पर तैनात कर्मचारियों की वास्तविक स्थिति के बीच अंतर का पता चल सकेगा। यदि जांच में कोई अनियमितता सामने आती है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमों के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि सफाई व्यवस्था, ड्रेनेज और अन्य जरूरी नागरिक सेवाओं को सुचारू रूप से चलाने में महानगरपालिका कर्मचारियों की अहम भूमिका होती है। इसलिए यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि प्रत्येक कर्मचारी अपनी निर्धारित ड्यूटी पूरी करे और सरकारी धन का इस्तेमाल उचित तरीके से हो।
मच्छीवाला ने मंत्री एकनाथ शिंदे और BMC आयुक्त अश्विनी भिड़े से इस मांग को गंभीरता से लेते हुए मुंबई के सभी 26 वार्डों में तत्काल, निष्पक्ष और नियमित औचक निरीक्षण के निर्देश जारी करने की अपील की है।
उनकी प्रमुख मांग है कि प्रत्येक मंजूर कर्मचारी की मौके पर मौजूदगी सुनिश्चित की जाए, हाजिरी का रिकॉर्ड वास्तविक ड्यूटी के अनुरूप हो और सरकारी धन के कथित दुरुपयोग की पुष्टि होने पर संबंधित नियमों के तहत सख्त कार्रवाई की जाए।
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