BMC Chief Orders War Room to Boost Mumbai Cleanliness Operations
Ashwini Bhide Pushes Mechanisation and Public Participation for Better Waste Management
मुंबई में सफाई व्यवस्था को लेकर उठे सवालों के बीच अब बृहन्मुंबई महानगरपालिका ने बड़ा कदम उठाया है। 9 अप्रैल को हुई समीक्षा बैठक में नगर आयुक्त अश्विनी भिडे ने सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट विभाग के कामकाज की गहन समीक्षा की और अधिकारियों को साफ निर्देश दिए कि शहर की सफाई व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाया जाए।
दरअसल एक दिन पहले ही नगरसेवकों ने सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए थे, जिसके बाद यह समीक्षा बैठक बुलाई गई। इस बैठक में अश्विनी भिडे ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि एक सेंट्रल कंट्रोल रूम यानी वॉर रूम स्थापित किया जाए, जिससे शहरभर में चल रही सफाई गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा सके और काम को प्रभावी तरीके से अंजाम दिया जा सके।
इसके साथ ही सभी वार्ड के असिस्टेंट कमिश्नरों को निर्देश दिया गया है कि वे नियमित रूप से फील्ड विजिट करें और अपने-अपने क्षेत्रों में साफ-सफाई की स्थिति का निरीक्षण करें। इसका मकसद यह है कि स्थानीय स्तर पर भी सफाई व्यवस्था में किसी तरह की लापरवाही न हो।
समीक्षा बैठक के दौरान अश्विनी भिडे ने यह भी स्पष्ट किया कि सफाई कोई एक बार का काम नहीं है, बल्कि यह एक लगातार चलने वाली प्रक्रिया है जिसे पूरी जिम्मेदारी और निरंतरता के साथ करना जरूरी है। उन्होंने खासतौर पर मुंबई के कोस्टल रोड और व्यस्त हाईवे का जिक्र करते हुए कहा कि इन इलाकों में भारी ट्रैफिक के कारण मैनुअल सफाई करना मुश्किल होता है, इसलिए यहां आधुनिक और विशेष मैकेनाइज्ड वाहनों का उपयोग बढ़ाया जाना चाहिए।
इसके अलावा उन्होंने भीड़भाड़ वाले इलाकों में मॉडल क्लीन जोन बनाने पर भी जोर दिया, ताकि वहां सफाई का एक बेहतर उदाहरण स्थापित किया जा सके। साथ ही नागरिकों को जागरूक करने की जरूरत पर भी बल दिया गया, जिससे लोग खुद भी शहर को साफ रखने में सहयोग करें।
बैठक में यह भी बताया गया कि बीएमसी के कुल एडवांस्ड कचरा संग्रहण वाहनों में से करीब 10 प्रतिशत अब इलेक्ट्रिक हैं। इस पहल के साथ मुंबई देश का पहला ऐसा नगर निगम बन गया है, जो बड़े स्तर पर हाई कैपेसिटी इलेक्ट्रिक वाहनों का इस्तेमाल कर रहा है। यह कदम पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अश्विनी भिडे ने नागरिकों और विभिन्न संस्थाओं से अपील की कि वे ‘मुंबई क्लीन लीग’ में सक्रिय रूप से भाग लें, ताकि शहर की सफाई को एक जन आंदोलन का रूप दिया जा सके और लंबे समय तक बेहतर परिणाम हासिल किए जा सकें।
बैठक के दौरान डिप्टी म्युनिसिपल कमिश्नर किरण दिघावकर ने विभाग के विभिन्न प्रोजेक्ट्स, उपकरणों और ऑपरेशंस की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वर्तमान में मुंबई से प्रतिदिन लगभग 7200 मीट्रिक टन ठोस कचरा एकत्र किया जाता है, जिसे वैज्ञानिक तरीके से प्रोसेस और डिस्पोज किया जाता है।
उन्होंने यह भी जानकारी दी कि शहर में सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने के लिए सर्विस बेस्ड कॉन्ट्रैक्ट सिस्टम लागू किया गया है। साथ ही कचरा संग्रहण और परिवहन के लिए नए वाहनों को शामिल किया गया है। पहले जहां 1196 वाहन काम कर रहे थे, वहीं अब अपग्रेडेड क्षमता के साथ यह संख्या 988 कर दी गई है।
मुंबई में सूखे कचरे के पृथक्करण के लिए 46 सेंटर बनाए गए हैं, जिन्हें 94 समर्पित वाहनों का सहयोग मिल रहा है। इसके अलावा घरेलू सैनिटरी वेस्ट के लिए विशेष संग्रहण सेवा भी शुरू की गई है, जिसका कई संस्थानों द्वारा प्रभावी उपयोग किया जा रहा है।
गौरतलब है कि इससे एक दिन पहले स्थायी समिति की बैठक में शहर के लिए डस्टबिन खरीदने के मुद्दे पर चर्चा के दौरान कई सदस्यों ने सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट विभाग की कार्यक्षमता और सफाई व्यवस्था पर सवाल उठाए थे। अब बीएमसी प्रशासन के इन नए कदमों से उम्मीद जताई जा रही है कि शहर की सफाई व्यवस्था में सुधार देखने को मिलेगा।
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